रतीना

2005/03/31

आँसुओं का खजाना


एक आँसू
उसके लिये
जो अपना ना बन सका

एक आँसू
अपना बनने का
दिखावा करने वाले के लिये

एक आँसू
अपने आप से
दोस्ती करवाने के लिये

आँसुओं का खजाना
खत्म हो गया

2005/03/28

जड़े जानती हैं

जड़े जानती हैं कि
वजूद उनका ही है
जिनके हिस्से में
रोशनी है
रोशनी उनकी है जो
बिना किसी परवाह
पी रहे हैं गटागट
धूप और छाँह
उंगलियों के रेशे रेशे से
मिट्टी को थामे
सोचती रह जाती है वह
पीठ पर चढ़े
तने के बारे में
कोटर के बारे में
पखेरुओं के बारे में
अंधमुंदी आँखों से देखती है
टहनियों को, उन पर लदी पत्तियों को
तभी
कैंचुऍ गुदगुदाने लागाते हैं
सँपोले कुदकियाँ भर
घेर लेते हैँ
किस्से सुनाने लगाती हैँ चींटियाँ
लम्बी यात्राओं के बारे में
इक्कट्ठे हो जाते हैं वे तमाम
जिनके हिस्से में बस अँधेरा है
जड़े जान जातीं हैं
सबसे बड़ा सुख
रोशनी नहीं है

जीने के लिये

वे
जो ताबूतों के लिये लकड़ी काटते हैं
जो लकड़ी को तराशते हैं
जो कीले ठोंक आकार देते हैं
जो रंग रोशन कर सजाते हैं
उन सब को मालूम नहीं कि
कौन मरेगा?
वे तो ताबूत बनाते हैं

जीने के लिये