उड़ान और पहचान
पर मेरी चप्पल नहीं मिल रही है
यूँ तो तमाम चप्पलें पड़ीं हैं मेरे सामने
पर वह नहीं है जो मेरी हुआ करती थी
अब आप पूछंगे कि क्या वास्ता है
उड़ान का चप्पलों से?
भई वाह, आप भी गजब करते हैं
चप्पलें मेरी पहचान हैं , और
उड़ान मेरा सपना
मैं यह तो नहीं चाहूंगी कि
सपने में भी मेरी पहचान खो जाये
मेरे सपने उड़ने को तैयार हैं
पर मुझे मेरी पहचान नहीं मिल रही

